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Nepal Flash Flood: नेपाल में बाढ़ का तांडव: 165 की मौत, 1500 लापता; 133 भारतीय भी शामिल, तबाही के खौफनाक VIDEO

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Nepal Flash Flood: नेपाल में बुधवार को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। नेपाल-तिब्बत सीमा से शुरू हुई बाढ़ ने देखते ही देखते नदियों का रौद्र रूप धारण कर लिया और रास्ते में आने वाले घरों, सड़कों, पुलों और बिजली परियोजनाओं को अपनी चपेट में ले लिया। 27 अगस्त की सुबह तक नेपाल में कम से कम 165 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 826 लोग अब भी लापता हैं।

इस आपदा का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि लापता लोगों में बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक और भारतीय नागरिक शामिल हैं। उपलब्ध अधिकारियों के आंकड़ों के मुताबिक कम से कम 133 भारतीय और 37 एनआरआई लापता लोगों में शामिल हैं। इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए भारतीय श्रद्धालुओं की संख्या भी काफी है।

Nepal Flash Flood: भोटेकोशी नदी बनी तबाही का रास्ता

फ्लैश फ्लड का सबसे ज्यादा असर नेपाल के रसुवा जिले और भोटेकोशी नदी क्षेत्र में हुआ। बाढ़ का पानी और मलबा बेहद तेज गति से नीचे की ओर आया और कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया।

प्रारंभिक वैज्ञानिक आकलन के अनुसार, इस आपदा के पीछे ग्लेशियर/बर्फ के हिस्से के टूटने या भूस्खलन से नदी का रास्ता अवरुद्ध होने और अचानक पानी का दबाव बढ़ने की आशंका है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की ओर से दर्ज भूकंपीय गतिविधि ने भी ग्लेशियर से जुड़े घटनाक्रम की संभावना को मजबूत किया है। हालांकि, आपदा के सटीक कारण की जांच अभी जारी है।

नेपाल के जल एवं मौसम अधिकारियों के अनुसार, रसुवा में यह तबाही सामान्य भारी बारिश से सीधे तौर पर नहीं जुड़ी थी। सीमा क्षेत्र में नदी के प्रवाह में अचानक आए बदलाव और मलबे के कारण स्थिति बेहद तेजी से बिगड़ी।

826 लोग लापता, 579 पर्यटकों का पता नहीं

नेपाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 826 लोग अभी भी लापता हैं। इनमें 579 पर्यटक बताए जा रहे हैं। इनमें नेपाली और विदेशी नागरिक दोनों शामिल हैं। विदेशी लापता लोगों में करीब 466 विदेशी नागरिक शामिल होने की रिपोर्ट है, जो 28 से ज्यादा देशों से जुड़े बताए जा रहे हैं।

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लापता लोगों की सूची में भारतीयों के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, कनाडा, दक्षिण अफ्रीका और अन्य देशों के नागरिक भी शामिल हैं।

133 भारतीय लापता, कैलाश मानसरोवर यात्रियों की चिंता बढ़ी

नेपाल की इस त्रासदी ने भारत में भी चिंता बढ़ा दी है। अधिकारियों के मुताबिक कम से कम 133 भारतीय नागरिक लापता हैं, जबकि 37 एनआरआई भी संपर्क से बाहर बताए जा रहे हैं। इनमें कई लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए निकले थे।

Isha Foundation से जुड़े 77 लोगों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल से गए श्रद्धालुओं के समूहों के संपर्क में नहीं होने की खबर है।

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भारतीय दूतावास लगातार नेपाली अधिकारियों के संपर्क में है और प्रभावित भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने तथा राहत-बचाव के लिए समन्वय कर रहा है।

नेपाल सेना और पुलिस का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन

बाढ़ के बाद नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस को बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान में लगाया गया है। हेलीकॉप्टरों के जरिए दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंचने और शवों की तलाश का काम जारी है। सेना ने रसुवा सहित प्रभावित इलाकों में मेडिकल और रेस्क्यू टीमें भी तैनात की हैं।

नेपाल पुलिस के मुताबिक बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी भी प्रभावित हुए हैं और कई पुलिसकर्मी अभी तक लापता हैं। खराब मौसम, मलबे और टूटे हुए संपर्क मार्गों के कारण बचाव अभियान बेहद मुश्किल बना हुआ है।

सड़कें और पुल बह गए, हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट तबाह

बाढ़ की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रसुवागढ़ी सीमा मार्ग को जोड़ने वाली करीब 42 किलोमीटर सड़क के बड़े हिस्से को नुकसान पहुंचा है। कई मोटरेबल पुल भी बह गए हैं।

नेपाल की ऊर्जा परियोजनाओं को भी भारी नुकसान हुआ है। शुरुआती आकलन के अनुसार आठ चालू हाइड्रोपावर परियोजनाएं, जिनकी कुल क्षमता करीब 354 मेगावाट है, प्रभावित हुई हैं, जबकि कई निर्माणाधीन परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है। इनमें रसुवागढ़ी हाइड्रोपावर, सैनजेन खोला और अपर त्रिशूली-3A जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।

वीडियो में दिखी तबाही की भयावह तस्वीर

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में बाढ़ की भयावह ताकत साफ दिखाई दे रही है। कहीं तेज बहाव में गाड़ियां बहती नजर आ रही हैं तो कहीं पुल देखते ही देखते नदी में समा गए। कई जगह घर और इमारतें पानी तथा मलबे के साथ बहती दिखाई दीं।

एक वीडियो में तेज बहाव के सामने पुल के ढहने का दृश्य दिखाई देता है, जबकि दूसरे वीडियो में सड़क और बस्तियों के बीच से मिट्टी, पत्थर और पानी का सैलाब गुजरता नजर आता है। इन तस्वीरों ने नेपाल में हुई तबाही की भयावहता को दुनिया के सामने ला दिया है।

अभी भी टला नहीं खतरा, नदी किनारे जाने से रोक

सबसे बड़ी चिंता यह है कि भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्र में खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अधिकारियों के अनुसार चीन की तरफ नदी के अवरुद्ध हिस्से में बना पानी का जमाव पूरी तरह खाली नहीं हुआ है। ऐसे में अचानक पानी का बहाव बढ़ने का खतरा बना हुआ है।

नेपाल के बाढ़ पूर्वानुमान अधिकारियों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने लोगों से नदियों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ

नेपाल की त्रासदी के बाद भारत सरकार ने हर संभव मानवीय सहायता देने का भरोसा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात कर मदद का आश्वासन दिया है। भारत की ओर से राहत सामग्री भेजने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से भी बात की है। नेपाल से आने वाले संभावित जलप्रवाह को देखते हुए दोनों राज्यों के सीमावर्ती इलाकों में प्रशासन और NDRF को अलर्ट किया गया है। केंद्र सरकार के मुताबिक नेपाल की तरफ जलस्तर में कमी आई है, लेकिन निगरानी लगातार जारी है।

भारतीय नागरिकों के लिए हेल्पलाइन जारी
नेपाल में फंसे या लापता भारतीय नागरिकों के संबंध में जानकारी के लिए भारतीय दूतावास ने आपातकालीन नंबर जारी किए हैं:

+977 985 131 6807

+977 970 910 7500

भारत सरकार ने प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिजनों से इन नंबरों के माध्यम से संपर्क करने की अपील की है।

चीन की तरफ भी भारी तबाही

इस आपदा का असर नेपाल तक सीमित नहीं है। चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी बाढ़ और मलबे की घटना से कई लोग प्रभावित हुए हैं। Reuters के मुताबिक नेपाल और चीन के तिब्बत क्षेत्र को मिलाकर करीब 1,500 लोग लापता बताए गए हैं, जबकि दोनों तरफ मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

चीन ने भी प्रभावित क्षेत्र में बचाव दल भेजे हैं और लापता लोगों की तलाश तेज कर दी गई है।

राहत-बचाव के बीच सबसे बड़ी चुनौती

नेपाल में बचाव अभियान के सामने सबसे बड़ी चुनौती दुर्गम पहाड़ी इलाका, सड़क और पुलों का टूटना, मलबे का भारी जमाव और लगातार बना हुआ जलप्रवाह है। कई इलाकों का संपर्क टूट गया है।

रेस्क्यू टीमें अब ड्रोन, हेलीकॉप्टर और जमीनी दलों की मदद से उन लोगों की तलाश कर रही हैं जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। अधिकारियों को आशंका है कि मलबे के नीचे और नदी के दूर-दराज हिस्सों में अभी और शव मिल सकते हैं।

नेपाल में बाढ़: अभी तक के बड़े अपडेट
कम से कम 165 शव बरामद

826 लोग अब भी लापता

579 पर्यटक लापता

कम से कम 133 भारतीय लापता

37 एनआरआई भी संपर्क से बाहर

466 विदेशी नागरिक लापता होने की रिपोर्ट

कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कई भारतीय श्रद्धालु लापता

भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित

कई पुल और सड़कें बह गईं

354 मेगावाट क्षमता वाली आठ चालू हाइड्रोपावर परियोजनाएं प्रभावित

नेपाल सेना, पुलिस और सशस्त्र पुलिस का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

भारत ने राहत और मानवीय सहायता का भरोसा दिया

यूपी और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में हाई अलर्ट

भोटेकोशी क्षेत्र में आगे भी खतरे की चेतावनी

नेपाल में मृतकों और लापता लोगों के आंकड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के साथ लगातार बदल रहे हैं। अलग-अलग सरकारी और मीडिया अपडेट में संख्या में अंतर है, इसलिए प्रकाशन के समय स्थानीय प्रशासन/नेपाल पुलिस के सबसे हालिया आंकड़े भी चेक करते रहें।

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