राष्ट्रीय समाचार
AAP crisis news: राघव चड्ढा के ‘सियासी छलांग’ मारते ही AAP में टूट की शुरुआत? 7 सांसद BJP में शामिल, पलट गया राज्यसभा का पूरा गणित
Published
3 महीना agoon

AAP crisis news: इस वक़्त देश की राजनीति में एक गज़ब का उलटफेर देखने को मिल रहा है। आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख नेता राघव चड्ढा सहित कुल 7 सात राज्यसभा सांसदों के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने को राज्यसभा सभापति की मंजूरी मिल गई है। (AAP crisis news) इस घटनाक्रम के बाद राज्यसभा में भाजपा की ताकत 106 से बढ़कर 113 हो गई है, जबकि आम आदमी पार्टी के सांसदों की संख्या 10 से घटकर मात्र 3 रह गई है।
यह राजनीतिक परिवर्तन न केवल संसद के समीकरण को बदल रहा है, बल्कि AAP के अंदर उभरते संकट की भी तरफ स्पष्ट इशारा कर रहा है। बता दे, राघव चड्ढा के साथ जिन नेताओं ने पार्टी छोड़ी है, उनमें अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल शामिल हैं।
AAP crisis news: पंजाब से सबसे तगड़ा झटका
दिल्ली से राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल को छोड़कर बाकी सभी नेता पंजाब से आते हैं। (AAP crisis news) ऐसे में यह स्पष्ट है कि AAP को सबसे बड़ा झटका पंजाब में लगा है, जहां पार्टी पहले ही कई चुनौतियों से जूझ रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह घटनाक्रम पंजाब में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को कमजोर कर सकता है।
संविधान के अंतर्गत मिला समर्थन
राघव चड्ढा ने इस निर्णय को संविधान के प्रावधानों के अंतर्गत सही ठहराया है। उन्होंने कहा कि किसी भी पार्टी के दो-तिहाई सांसद अगर एक साथ दूसरी पार्टी में शामिल होते हैं, तो इसे मान्यता मिलती है। सात सांसदों का एक साथ बीजेपी में जाना इसी नियम के आधार पर वैध माना गया है।
AAP में ‘टॉक्सिक माहौल’ का आरोप
पार्टी छोड़ने के पीछे का कारण बताते हुए राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी के नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी अब अपने मूल सिद्धांतों और मूल्यों से भटक चुकी है। उनके अनुसार, AAP के अंदर एक “टॉक्सिक माहौल” बन गया है, जहां नेताओं को कार्य करने और अपनी बात रखने की कोई आजादी नहीं है।
उन्होंने अपने वीडियो संदेश में कहा कि उन्होंने राजनीति में करियर बनाने के लिए नहीं, बल्कि देश की सेवा के लिए कदम रखा था। (AAP crisis news) लेकिन अब पार्टी कुछ ऐसे लोगों के हाथ में चली गई है, जो निजी लाभ के लिए काम कर रहे हैं।
राघव चड्ढा ने कहा, “शायद मैं सही इंसान हूं, लेकिन गलत पार्टी में था।” उन्होंने यह भी बताया कि उनके सामने 3 विकल्प थे – राजनीति छोड़ना, पार्टी के अंदर रहकर सुधार का प्रयास करना या फिर नई राह चुनना। (AAP crisis news) आखिरकार उन्होंने तीसरा विकल्प चुना और बीजेपी में शामिल होने का निर्णय कर लिया।
AAP का पलटवार, ‘अफवाहें फैलाई जा रहीं’
इस पूरे घटनाक्रम पर आम आदमी पार्टी की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया आई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे बीजेपी और राघव चड्ढा की साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में इन नेताओं के खिलाफ ‘विश्वासघात’ को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
संजय सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि AAP को कमजोर करने के लिए जानबूझकर अफवाहें फैलाई जा रही हैं और पार्टी के नेताओं को तोड़ने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
क्या और बढ़ेगा संकट?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह केवल शुरुआत हो सकती है। (AAP crisis news) पंजाब के कई अन्य नेता भी राघव चड्ढा के संपर्क में बताए जा रहे हैं, जो पार्टी छोड़ने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, AAP नेतृत्व लगातार इन खबरों को अफवाह बता रहा है।
भाजपा को मिला बड़ा लाभ
राज्यसभा में संख्या बढ़ने से बीजेपी को विधायी मामलों में और मजबूती मिलेगी। यह परिवर्तन आगामी वक़्त में संसद की कार्यवाही और कानून पारित कराने की प्रक्रिया को भी अंदर से प्रभावित कर सकता है।
बता दे, राघव चड्ढा और 6 अन्य सांसदों का AAP छोड़कर बीजेपी में जाना भारतीय राजनीति का एक बड़ा घटनाक्रम है। (AAP crisis news) इससे न केवल संसद का गणित बदला है, बल्कि आम आदमी पार्टी के भविष्य को लेकर भी कई गंभीर रूप से सवाल खड़े हो गए हैं। अब आगामी दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या AAP इस संकट से उबर पाती है या फिर यह टूट और गहराती है।
You may like

Priyanka Gandhi on CJP Protest: प्रियंका गांधी का सरकार पर बड़ा हमला, बोलीं- ‘छात्रों का सिस्टम से भरोसा टूट गया, पहले उनकी मांगें पूरी कीजिए…’

Datia By-Election: दतिया उपचुनाव में दिलचस्प सियासी मोड़: कांग्रेस नेता अवधेश नायक के घर पहुंचे BJP नेता और मंत्री

Akhilesh Yadav: रामलला के दर्शन को अयोध्या कब जाएंगे अखिलेश यादव? सपा प्रमुख ने खुद ही दिया जवाब

Shiv Sena (UBT) Crisis: मातोश्री से फिर उठी बगावत की चिंगारी, अब आदित्य ठाकरे का सबसे करीबी नेता हुआ बागी

TMC Split Update: बंगाल में ममता का साम्राज्य ध्वस्त! TMC के 20 सांसद बदलेंगे पाला? समझें पूरा समीकरण
West Bengal Election 2026: ‘EVM कांड’ से हिल उठा बंगाल! जहां-जहां गड़बड़ी… अब वहां होंगे पुनर्मतदान, चुनाव आयोग का बड़ा आदेश





