Connect with us

राष्ट्रीय समाचार

Asaduddin Owaisi Moves SC: SIR पर ओवैसी का बड़ा दांव! राहुल गांधी के बाद अब SC पहुंचे AIMIM प्रमुख, EC की प्रक्रिया पर उठाए सवाल

Published

on

Asaduddin Owaisi Moves SC: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) यानी एसआईआर (SIR) को लेकर देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कई विपक्षी नेताओं के बाद अब एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में चुनौती दी है। ओवैसी ने बुधवार को शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल कर एसआईआर की प्रक्रिया के तरीके पर सवाल उठाए हैं। अब इस मामले की सुनवाई पहले से लंबित समान याचिकाओं के साथ हो सकती है।

Asaduddin Owaisi Moves SC: SIR पर ओवैसी की याचिका, सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?

असदुद्दीन ओवैसी की ओर से वकील निजामुद्दीन पाशा ने भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ के सामने याचिका का उल्लेख किया। उन्होंने अदालत को बताया कि मामला मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया से जुड़ा है।

ओवैसी के वकील ने अनुरोध किया कि उनकी याचिका को उन अन्य मामलों के साथ सूचीबद्ध किया जाए, जिन पर गुरुवार को सुनवाई होनी है। इस पर पीठ ने संकेत दिया कि वह ओवैसी की याचिका और इसी तरह के दूसरे मामलों के संदर्भ की जांच करेगी। अदालत ने संबंधित याचिकाओं के साथ मामले पर विचार करने की सहमति जताई है।

Also Read –Greater Noida Murder: बच्चे की दवा लेने गया था इमरान, बदमाशों ने रास्ते में दौड़ा-दौड़ाकर मारी गोलियां; सामने आया CCTV वीडियो

इस घटनाक्रम के बाद एसआईआर को लेकर चल रही कानूनी बहस में एक और याचिका जुड़ गई है। हालांकि, याचिका दायर होने का मतलब यह नहीं है कि अदालत ने एसआईआर प्रक्रिया पर कोई अंतिम फैसला सुना दिया है।

राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने भी उठाए सवाल

इससे पहले राहुल गांधी और 10 प्रमुख विपक्षी नेताओं ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। उनकी याचिका में चुनाव आयोग (Election Commission of India) से एसआईआर से जुड़े विवादित फैसलों के रिकॉर्ड अदालत के सामने रखने का निर्देश देने की मांग की गई है।

याचिका में चुनाव आयुक्तों की फाइलों, एजेंडे, बैठकों के मिनट्स, नोटिंग्स और आपत्तियों के साथ ईसीआईनेट (ECINET) तथा ईआरओनेट (ERONET) के एक्सेस लॉग उपलब्ध कराने की मांग शामिल है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इन रिकॉर्डों से मतदाता सूची में बदलाव और उससे जुड़े फैसलों की जांच की जा सकेगी।

Also Read –marco rubio india visit: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो आ रहे भारत, जयशंकर ने ट्रेड डील पर बड़ा इशारा कर दिया

स्वतंत्र समिति से ऑडिट कराने की मांग

विपक्षी नेताओं ने अपनी याचिका में सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में स्वतंत्र समिति गठित करने का भी अनुरोध किया है। इस समिति में तकनीकी विशेषज्ञों और अन्य जानकार लोगों को शामिल करने की मांग की गई है।

याचिका के मुताबिक, समिति तय समयसीमा के भीतर एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाने और उनमें संशोधन की प्रक्रिया का स्वतंत्र ऑडिट करे। इसके अलावा ईसीआईनेट और ईआरओनेट जैसे चुनावी डेटाबेस तक पहुंच और उनमें किए गए बदलावों की भी जांच की जाए।

याचिका में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के इस्तेमाल, तैनाती, तकनीकी ढांचे और संबंधित प्रक्रियाओं की समीक्षा की मांग भी रखी गई है। इसमें स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के आधार पर जांच कराने का अनुरोध किया गया है।

अब SC के अगले कदम पर नजर

ओवैसी की याचिका और विपक्षी नेताओं की मांगों के बाद एसआईआर का मुद्दा एक बार फिर अदालत के केंद्र में है। अब देखना होगा कि सुप्रीम कोर्ट इन याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान क्या निर्देश देता है और चुनाव आयोग से कौन-से रिकॉर्ड मांगे जाते हैं। फिलहाल मामला न्यायिक विचार के अधीन है और एसआईआर की वैधता या प्रक्रिया पर अंतिम निष्कर्ष अदालत के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगा।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *