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Lucknow Green Corridor: राजनाथ सिंह ने लखनऊ ग्रीन कॉरिडोर का किया उद्घाटन, CM योगी ने बताया कब्जे की जमीन से तैयार हुआ प्रोजेक्ट
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5 घंटे agoon

Lucknow Green Corridor: लखनऊ में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बुनियादी परियोजना का उद्घाटन किया गया। Rajnath Singh और Yogi Adityanath ने मिलकर शहर के ग्रीन कॉरिडोर का लोकार्पण किया। (Lucknow Green Corridor) यह कार्यक्रम Jhulelal Park में आयोजित हुआ, जिसमें राज्य सरकार के कई मंत्री और भाजपा के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। यह ग्रीन कॉरिडोर करीब 57 किलोमीटर लंबा है और इसे लखनऊ के ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए अहम परियोजना माना जा रहा है।
Lucknow Green Corridor: कब्जा हटाकर तैयार हुआ प्रोजेक्ट
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस जमीन पर पहले अवैध कब्जा था, उसे खाली कराकर उसी संसाधन से इस परियोजना को तैयार किया गया है। (Lucknow Green Corridor) उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए सरकार ने प्राधिकरण को अलग से पैसा नहीं दिया, बल्कि अवैध कब्जा हटाकर प्राप्त जमीन और संसाधनों से ही विकास कार्य किया गया।
कुकरैल नदी पर बना छह लेन का पुल
इस परियोजना के दूसरे चरण में समतामूलक चौराहे से निशातगंज के बीच लगभग 130 करोड़ रुपये की लागत से कई विकास कार्य पूरे किए गए हैं। इसमें Kukrail River पर 240 मीटर लंबा और 24 मीटर चौड़ा छह लेन का पुल बनाया गया है, जिसकी लागत करीब 45 करोड़ रुपये रही। (Lucknow Green Corridor) इसके अलावा कुकरैल से निशातगंज के बीच 1.10 किलोमीटर लंबा और 18 मीटर चौड़ा बंधा व सड़क निर्माण का कार्य भी कराया गया है।
नए और पुराने लखनऊ की दूरी होगी कम
ग्रीन कॉरिडोर के निर्माण से शहर के कई इलाकों में ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी। Hanuman Setu से Nishatganj Bridge तक सड़क की चौड़ाई 10 मीटर से बढ़ाकर 18 मीटर कर दी गई है। इससे निशातगंज और कुकरैल चौराहे पर यातायात सुगम होगा और नए व पुराने लखनऊ के बीच दूरी भी कम होगी।
चार चरणों में विकसित हो रहा कॉरिडोर
ग्रीन कॉरिडोर को चार चरणों में विकसित किया जा रहा है। पहला चरण IIM Road से पक्का पुल तक और दूसरा चरण पक्का पुल से पिपराघाट तक पूरा हो चुका है। तीसरे चरण में पिपराघाट से शहीद पथ तक काम को मंजूरी मिल चुकी है, जबकि चौथे चरण में शहीद पथ से किसान पथ तक निर्माण की तैयारियां जारी हैं।
