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Nishant Kumar refuse deputy CM post: बिहार में सियासी तांडव शुरू! निशांत कुमार ने डिप्टी CM पद को मारी लात, मनाने में जुटे बड़े-बड़े दिग्गजों के छूटे पसीने

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Nishant Kumar refuse deputy CM post: बिहार की राजनीति में मंगलवार की सुबह एक ऐसी खबर लेकर आई जिसने सत्ता के गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। जहां एक तरफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे और नई सरकार के गठन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके बेटे निशांत कुमार के एक कड़े फैसले ने पूरी जेडीयू को सोच में डाल दिया है। (Nishant Kumar refuse deputy CM post) सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर आ रही है कि निशांत कुमार ने नई सरकार में डिप्टी सीएम बनने के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कह दिया है कि वह किसी भी सूरत में यह पद स्वीकार नहीं करेंगे।

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Nishant Kumar refuse deputy CM post: निशांत की ‘ना’ से बढ़ी करीबियों की धड़कनें

जैसे ही यह खबर फैली कि निशांत कुमार राजनीति की मुख्यधारा में आने को तैयार नहीं हैं, जेडीयू के दिग्गज नेताओं के माथे पर पसीना आ गया। बताया जा रहा है कि निशांत को मनाने के लिए पार्टी के कद्दावर नेता और उनके करीबी रिश्तेदार कल रात से ही एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। (Nishant Kumar refuse deputy CM post) पटना के सियासी हल्कों में चर्चा है कि उन्हें समझाने के लिए कई दौर की बैठकें हुई हैं, लेकिन निशांत अपनी जिद पर अड़े हुए हैं। आज सुबह 11 बजे तक की रिपोर्ट के मुताबिक, तमाम मिन्नतों और राजनीतिक नफा-नुकसान समझाने के बावजूद वे अपने फैसले से टस से मस नहीं हुए हैं।

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सस्पेंस में उत्तराधिकार की लड़ाई

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और मुख्यमंत्री पद छोड़ने के फैसले के बाद माना जा रहा था कि निशांत कुमार ही उनकी विरासत को आगे बढ़ाएंगे। पार्टी के भीतर एक बड़ा वर्ग उन्हें भविष्य के नेता के तौर पर देख रहा था और डिप्टी सीएम का पद इसी दिशा में पहला कदम माना जा रहा था। (Nishant Kumar refuse deputy CM post) लेकिन निशांत कुमार की इस ‘ना’ ने पूरी पटकथा को उलझा दिया है। राजनीति के जानकारों का कहना है कि निशांत हमेशा से ही लाइमलाइट और सत्ता की चकाचौंध से दूर रहे हैं, और उनका यह फैसला उनकी इसी प्रकृति को दर्शाता है।

क्या जेडीयू ढूंढ पाएगी नया रास्ता?

अब सवाल यह उठता है कि अगर निशांत कुमार वाकई अपनी शर्त पर कायम रहते हैं, तो जेडीयू के पास ‘प्लान बी’ क्या है? मुख्यमंत्री के इस्तीफे के लिए अब कुछ ही घंटों का समय बचा है और ऐसे में निशांत की ओर से मिली इस चुनौती ने पार्टी आलाकमान के सामने संकट खड़ा कर दिया है। (Nishant Kumar refuse deputy CM post) क्या नीतीश कुमार अपने बेटे को मनाने में सफल होंगे या फिर बिहार की राजनीति में किसी नए चेहरे की एंट्री होगी? फिलहाल, पटना में बैठकों का दौर जारी है और सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि दोपहर 3 बजे से पहले निशांत कुमार अपना मन बदलते हैं या नहीं।

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