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Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर चढ़ावा चोरी में सबसे बड़ा खुलासा! महाकुंभ की भीड़ में खेला गया करोड़ों का खेल, मामले में अब ED की एंट्री
Published
4 सप्ताह agoon

Ram Mandir Donation Case: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित रूप से हुए गबन के मामले में लगातार नए-नए खुलासे हो रहे हैं। लेकिन अब एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच के मुताबिक, सबसे बड़ी कथित गड़बड़ी महाकुंभ के दौरान हुई, जब मंदिर में श्रद्धालुओं की बड़ी तादाद में भीड़ के कारण दान और चढ़ावे की राशि में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई थी। इसी दौरान आरोपियों ने कथित रूप से सुनियोजित तरीके से बड़ी रकम की हेराफेरी की गयी। इस मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की भी एंट्री होने जा रही है और अयोध्या पुलिस जल्द ही जांच के लिए औपचारिक पत्र भेजेगी।
Ram Mandir Donation Case: महाकुंभ की भीड़ का उठाया गया कथित लाभ
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों ने मिलकर चढ़ावे की रकम में कथित रूप से हेराफेरी की योजना बनाई थी। (Ram Mandir Donation Case) जांच में यह भी सामने आया है कि महाकुंभ के दौरान राम मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या और दान की राशि सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ गई थी। इसी स्थिति का बड़ा लाभ उठाते हुए आरोपियों ने कथित तौर पर बड़ी चोरी को अंजाम दिया।
पुलिस का कहना है कि इनमें से कुछ आरोपी पहले भी छोटे स्तर पर चोरी की घटनाओं में शामिल रहे थे, लेकिन महाकुंभ के दौरान उन्हें बड़ी रकम तक पहुंचने का मौका मिला।
जीजा-साले की जोड़ी पर सबसे बड़ा आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस मामले में जीजा-साले की जोड़ी लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा पर सबसे ज़्यादा रकम की कथित चोरी का आरोप है। पुलिस का दावा है कि चोरी के पैसों से सबसे ज़्यादा संपत्तियां भी इसी जोड़ी ने खरीदीं।
शुरुआत से लेकर अब तक की जांच में दोनों से जुड़ी आधा दर्जन से ज़्यादा संपत्तियों की जानकारी सामने या चुकी है। इन संपत्तियों के स्रोत और खरीद के लिए प्रयोग किए गए धन की जांच की जा रही है।
आयकर विभाग और ED भी करेगी जांच
मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए अयोध्या पुलिस अब आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की सहायता लेने की तैयारी में है। (Ram Mandir Donation Case) पुलिस का मानना है कि वित्तीय लेन-देन और मनी ट्रेल की गहराई से जांच के लिए केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका बेहद अहम होगी।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस जल्द ही ED को पत्र भेजेगी, ताकि कथित तौर पर चोरी की गई रकम के प्रयोग, बैंक खातों और संपत्तियों की विस्तृत जांच की जा सके।
SBI कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
जांच के दौरान कुछ बैंकिंग लेन-देन भी पुलिस के संज्ञान में आए हैं। सूत्रों के अनुसार, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। हालांकि, इस से जुड़ी अभी तक किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ आधिकारिक रूप से कोई कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
महाकुंभ में उमड़ी थी रिकॉर्ड भीड़
गौरतलब है कि प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन 13 जनवरी 2025 से शुरू होकर 26 फरवरी 2025 तक चला था। लगभग 44-45 दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन में तकरीबन 60 करोड़ से भी ज़्यादा श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया था। भारी संख्या में श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने से राम मंदिर में चढ़ावे और दान की राशि में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई थी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सभी वित्तीय अनियमितताओं, जिम्मेदार लोगों की भूमिका और आगे की कानूनी कार्रवाई की साफ तस्वीर सामने आएगी।
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