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Delhi pollution crackdown: दिल्ली में प्रदुषण पर लगेगी लगाम! BJP का अब तक का सबसे बड़ा एक्शन, जारी हुआ सख्त फरमान
Published
3 सप्ताह agoon

Delhi pollution crackdown: दिल्ली की हवा में घुले जहर ने अब सरकार के सब्र का बांध तोड़ दिया है। अगर आप दिल्ली में कोई छोटी या बड़ी फैक्ट्री चलाते हैं, तो यह खबर आपकी रातों की नींद उड़ाने वाली है। दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने प्रदूषण के खिलाफ ‘आर-पार’ की जंग का बिगुल फूंक दिया है। अब तक सरकारें नोटिस देकर और चेतावनी देकर खानापूर्ति करती थीं, लेकिन भाजपा सरकार ने एक ऐसा बड़ा ऐलान किया है जिसने औद्योगिक इलाकों में हड़कंप मचा दिया है। (Delhi pollution crackdown) अब न कोई सुनवाई होगी और न ही कोई मौका दिया जाएगा। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने साफ कर दिया है कि प्रदूषण फैलाने वाली हर इकाई पर अब सीधा ताला लटकेगा। क्या आपकी फैक्ट्री भी इस काली सूची में शामिल है? आइए जानते हैं दिल्ली सरकार के उस ‘सघन अभियान’ की पूरी सच्चाई, जो आज से राजधानी की सड़कों और इंडस्ट्रियल एरिया में काल बनकर उतरने वाला है।
Delhi pollution crackdown: कोई नोटिस नहीं, अब सीधा ‘एक्शन’ होगा
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में धमाका करते हुए कहा कि प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों की पहचान कर ली गई है। उन्होंने कड़े लहजे में कहा, “आज से दिल्ली में एक सघन अभियान शुरू हो रहा है। (Delhi pollution crackdown) जितनी भी प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियां हैं, उन्हें बिना किसी नोटिस के तुरंत सील किया जाएगा।” सिरसा ने स्पष्ट किया कि इन उद्योगों को सुधरने के बहुत मौके दिए जा चुके हैं, इसलिए अब कोई और चांस नहीं मिलेगा। इसके अलावा, जिन इंडस्ट्रीज ने 31 तारीख की डेडलाइन तक ओसीईएम (OCEM) के लिए आवेदन नहीं किया है, उनका बोरिया-बिस्तर भी आज ही सिमटने वाला है।
अवैध फैक्ट्रियों पर भी गिरेगा गाज: सुप्रीम कोर्ट का डंडा
सरकार की यह कार्रवाई सिर्फ प्रदूषण फैलाने वालों तक सीमित नहीं है। मंत्री ने साफ किया कि दिल्ली में तीन तरह की इंडस्ट्री काम कर रही हैं— अधिकृत, नियमित और अवैध। सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेशों का हवाला देते हुए सिरसा ने कहा कि दिल्ली की सभी अवैध फैक्ट्रियों को 100 फीसदी बंद किया जाएगा। (Delhi pollution crackdown) सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अगर आपकी फैक्ट्री अवैध इलाके में है, तो भले ही वह प्रदूषण न फैला रही हो, तब भी एमसीडी उसे सील कर देगी। प्रशासन अब एक-एक गली और मोहल्ले की जांच कर रहा है ताकि दिल्ली को अवैध उद्योगों से पूरी तरह मुक्त किया जा सके।
वर्क फ्रॉम होम और प्राइवेट कंपनियों को अंतिम चेतावनी
प्रदूषण कम करने के लिए सरकार ने वर्क फ्रॉम होम का जो नियम बनाया था, उसे हल्के में लेने वाली कंपनियों की अब खैर नहीं है। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि उन्हें शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ प्राइवेट कंपनियां इन नियमों की धज्जियां उड़ा रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी विशिष्ट कंपनी की नामजद शिकायत मिली, तो सरकार उनके खिलाफ ऐसी कार्रवाई करेगी कि वे उदाहरण बन जाएंगी। उन्होंने सभी निजी संस्थानों से आग्रह किया है कि वे प्रदूषण के इस आपातकाल में सरकार का सहयोग करें और कर्मचारियों को घर से काम करने की छूट दें।
कचरा और मलबे के खिलाफ महाभियान
दिल्ली को साफ करने के लिए सरकार केवल फैक्ट्रियां ही बंद नहीं कर रही, बल्कि मलबे और कूड़े के पहाड़ों को भी हटा रही है। सिरसा ने जानकारी दी कि रोजाना 35 हजार मीट्रिक टन कूड़ा हटाया जा रहा है और सड़कों की धुलाई का काम रात भर चल रहा है। इसके साथ ही एक बहुत बड़ा प्रोजेक्ट ‘लुप्त जलाशयों’ को जीवित करने का शुरू किया गया है। डीडीए और राजस्व विभाग की मदद से इस साल कम से कम 50 फीसदी मृत हो चुके तालाबों और झीलों को वापस पुरानी अवस्था में लाया जाएगा, ताकि दिल्ली का पर्यावरण प्राकृतिक रूप से सुधर सके।
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