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Bangladesh Government: भारत-बांग्लादेश के बीच बढ़ा भारी तनाव! ढाका ने भारतीय दूत को किया तलब, असम CM के किस बयान पर भड़का पड़ोसी देश?

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Bangladesh Government: भारत के सामने बांग्लादेश ने औपचारिक विरोध दर्ज कराया है। दरअसल, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने पिछले सप्ताह सोशल मीडिया पर जानकारी दी थी कि असम में 20 विदेशी नागरिकों को पकड़ा गया और उन्हें बांग्लादेश वापस भेज दिया गया।

हाल ही में भारत और बांग्लादेश के संबंधों में सुधार के संकेत दिखे थे। दोनों देश आपसी सहयोग बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे थे, और इसी क्रम में भारत सरकार ने अपने एक भरोसेमंद अधिकारी को बांग्लादेश में उच्चायुक्त के रूप में नियुक्त किया था। (Bangladesh Government) इसके बावजूद, कुछ मुद्दे ऐसे हैं जो दोनों देशों के बीच तनाव को पूरी तरह खत्म नहीं होने दे रहे। ताजा घटनाक्रम में बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भारत के कार्यवाहक उच्चायुक्त पवन बधे को तलब कर कुछ मामलों पर अपना विरोध जताया है।

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यह आपत्ति मुख्य रूप से असम के मुख्यमंत्री के हालिया बयान को लेकर है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय की दक्षिण एशिया महानिदेशक ईश्वरत जहां ने भारतीय राजनयिक को अपने देश का रुख स्पष्ट किया। यूएनबी न्यूज एजेंसी के अनुसार, बांग्लादेश ने इन टिप्पणियों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने पोस्ट में दावा किया था कि जिन लोगों को वापस भेजा गया, वे अवैध बांग्लादेशी नागरिक थे।

ईश्वरत जहां ने कहा कि इस तरह के बयान दोनों देशों के मैत्रीपूर्ण संबंधों की भावना को आहत करते हैं। सूत्रों के मुताबिक, बांग्लादेश ने इस टिप्पणी को अपमानजनक बताते हुए अपनी असंतुष्टि जाहिर की है।

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साथ ही, बांग्लादेश ने भारत से अनुरोध किया है कि संवेदनशील द्विपक्षीय मुद्दों पर संयम बरता जाए और सार्वजनिक टिप्पणी करते समय सावधानी रखी जाए। अवैध घुसपैठ का मुद्दा लंबे समय से दोनों देशों के बीच विवाद का कारण रहा है। मौजूदा परिस्थितियों में बांग्लादेश की नई सरकार चाहती है कि ऐसे मामलों को सार्वजनिक रूप से उठाने के बजाय आपसी बातचीत के जरिए सुलझाया जाए।

कुल मिलाकर, यह घटनाक्रम दर्शाता है कि हालिया सकारात्मक संकेतों के बावजूद भारत और बांग्लादेश के संबंध अभी भी संवेदनशील दौर से गुजर रहे हैं।

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