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Ketan Agarwal Murder Case: सिया गोयल ने कबूला गुनाह, पुलिस को बताई केतन को खाई में फेंकने की वजह
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6 घंटे agoon

Ketan Agarwal Murder Case: तृणमूल कांग्रेस (TMC) की बेहद तेज-तर्रार और हमेशा सुर्खियों में रहने वाली सांसद महुआ मोइत्रा ने एक बार फिर अपने बयानों से बंगाल की राजनीति में खलबली मचा दी है. कृष्णानगर लोकसभा सीट से सांसद महुआ मोइत्रा ने इस बार अपनी ही पार्टी की हार, बड़े नेताओं की खुली बगावत, ममता बनर्जी की नेतृत्व क्षमता और अभिषेक बनर्जी को लेकर बेहद खुलकर बात की है.
महुआ मोइत्रा ने इशारों-इशारों में टीएमसी सुप्रीमों ममता बनर्जी के काम करने के तरीके पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी हमेशा सबके साथ बहुत ज्यादा निजी और भावुक संबंध बनाकर रखती हैं. ममता बनर्जी और हमारी पार्टी टीएमसी की सबसे बड़ी कमी यही रही है कि हम हर किसी को जबरदस्ती एडजस्ट करते रहते हैं. लोकसभा चुनाव के खराब नतीजों पर बोलते हुए उन्होंने बेबाकी से कहा कि जो नेता 3 या 4 बार से सांसद थे, हमें उन्हें समय रहते बदल देना चाहिए था, लेकिन पार्टी ने ऐसा सख्त कदम बिल्कुल नहीं उठाया.
Ketan Agarwal Murder Case: बदलाव में ममता दीदी की नरमी
BBC हिंदी के साथ हुई एक बेहद लंबी और विशेष बातचीत में महुआ मोइत्रा ने कहा कि चुनाव के समय पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को अपने सभी नेताओं का हर बार कड़ा रिव्यू (समीक्षा) करना चाहिए था. नेतृत्व को यह देखना चाहिए था कि इन पुराने नेताओं में जमीनी स्तर पर खुद का कितना दम बचा है और क्या ये लोग पार्टी के बड़े नाम और सिंबल (चुनाव चिह्न) के बिना भी अकेले चुनाव जीत कर आ सकते हैं या नहीं? लेकिन हमारी पार्टी में होता यह है कि जब तक कोई पुराना नेता थोड़ा बहुत भी चल सकता है, तो उसे एक और बार चुनाव लड़ा दिया जाता है.
साधे कई निशाने
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ममता दीदी कभी नहीं चाहती थीं कि किसी भी पुराने व्यक्ति को उसकी जगह से हटाया जाए. महुआ मोइत्रा ने आगे कहा कि अगर हम लोग इस पूरी चयन प्रक्रिया को समय रहते बेहद निर्मम और निष्पक्ष तरीके से कर पाते, तो आज पार्टी की यह दुर्दशा नहीं होती. अफ़सोस की बात यह है कि इन पुराने लोगों ने चुनाव को बहुत हल्के में ले लिया था.
शुभेंदु अधिकारी की पुरानी तारीफ
महुआ मोइत्रा ने इस सनसनीखेज इंटरव्यू में पश्चिम बंगाल के मौजूदा बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के उन दिनों की जमकर तारीफ की, जब वे टीएमसी में हुआ करते थे. महुआ ने साफ शब्दों में कहा कि उनके आज भी शुभेंदु अधिकारी के साथ व्यक्तिगत संबंध बेहद अच्छे हैं. उन्होंने पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि शुभेंदु मेरे बहुत अच्छे दोस्त थे और हम जब एक साथ टीएमसी में काम करते थे, तो उन्होंने मुझे राजनीति में आगे बढ़ने के लिए बहुत ज्यादा सपोर्ट (समर्थन) किया था.
