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kolkata chorbagan durga puja pandal stampede: कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़, 19 लोगों की मौत, 25 लोग घायल
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5 घंटे agoon

kolkata chorbagan durga puja pandal stampede: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबागान इलाके के एक दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 25 लोगों को घायल बताया. उन्हें कोलकाता के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है. घटना के तुरंत बाद पुलिस ने लोगों को पूजा पंडाल में जाने से रोक दिया है. कोलकाता पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं.
सीएम शुभेंदु अधिकारी और मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल हादसे की सूचना मिलते ही कोलकाता मेडिकल कॉलेज पहुंचे. उन्होंने घायलों का हाल जाना. वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एन रवि और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी हादसे पर दुख जताया है.
घटना उत्तरी कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल की है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार, 17 अक्टूबर को सप्तमी की शाम दुर्गा पूजा पंडाल का एक हिस्सा कथित तौर पर भारी भीड़ के दबाव में ढह गया. इसके बाद वहां भगदड़ मच गई. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 19 लोगों की मौत की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि हादसे में कुल 25 लोग घायल हैं, जिनमें से 24 लोग खतरे से बाहर हैं. एक व्यक्ति की हालत गंभीर बनी हुई है.
घटना के समय दुर्गा पूजा मनाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडाल में पहुंचे थे. घायलों को मौके से निकालकर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया. घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं.
हादसे को अपनी आंखों से देखने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि पंडाल का एंट्री गेट काफी संकरा था. निकलने का दरवाजा भी काफी पतला था. वहां पर रोशनी का भी कोई इंतजाम नहीं था. एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि भगदड़ के बाद कई लोग बेहोश हो गए. कुछ लोगों को मोटरसाइकिलों पर अस्पताल ले जाया गया.
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कोलकाता पुलिस ने हादसे के बारे में बताते हुए कहा कि बारिश के दौरान पूजा पंडाल देखने वालों की भारी भीड़ के कारण पंडाल के एग्जिट गेट पर भगदड़ मच गई. इससे हादसा हो गया. सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर MCH (मेडिकल कॉलेज अस्पताल) पहुंचाया गया है. पुलिस ने बताया कि कंट्रोल रूम, फायर ब्रिगेड, कोलकाता पुलिस, DMG टीम और मेडिकल टीम के साथ एम्बुलेंस को मौके पर भेजा गया है. पूजा पंडाल को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया है.
हादसे को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार ने एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18003455678 शुरू किया है.
kolkata chorbagan durga puja pandal stampede: ममता ने जताया शोक
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हादसे पर दुख जताया है. उन्होंने कहा,
चोरबागान पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना के बारे में जानकर मुझे गहरा सदमा लगा है और बहुत दुख हुआ है. मैं मां दुर्गा से प्रार्थना करती हूं कि सभी घायलों को जल्द से जल्द स्वस्थ करें और इस मुश्किल वक्त में उनके परिवारों को हिम्मत और हौसला दें.
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रवि ने भी दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में मृतकों के परिवारों के प्रति उनकी हार्दिक संवेदनाएं हैं. राज्यपाल ने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की.
अमित शाह ने रद्द किए कार्यक्रम
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से फोन पर बात कर हादसे के बारे में जानकारी ली.उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों को प्रशासन की ओर से हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही. इसके अलावा अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में रविवार, 18 अक्टूबर के अपने सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए. गृहमंत्री अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात करेंगे.
पीएम मोदी ने घोषित किया मुआवजा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भगदड़ की घटना पर दुख जताया और हादसे के पीड़ितों के लिए मुआवजे का ऐलान किया. प्रधानमंत्री की ओर से पीएमओ ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि कोलकाता में भगदड़ की घटना बेहद दुखद है. जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया, उनके प्रति संवेदनाएं हैं. पीएम ने घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना की और ऐलान किया कि घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी. वहीं, घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया गया है.
बता दें कि इस साल चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल अपनी खास थीम ‘अराब’ की वजह से चर्चा में था. अंग्रेजी में इसका मतलब Beyond Sound यानी ‘ध्वनि से परे’ होता है. इससे पहले भी कोलकाता के कई दुर्गा पूजा पंडालों में भारी भीड़ और भगदड़ जैसी स्थिति बनने के कारण उन्हें बंद करना पड़ा था. देशप्रिय पार्क, श्रीभूमि और कल्याणी के दुर्गा पूजा पंडालों में भी ऐसी ही स्थिति सामने आई थी.
