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Ram Mandir Trust Meeting Venue: राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में अचानक बड़ा बदलाव, अब ‘छावनी’ नहीं इस सीक्रेट जगह पर होगी मीटिंग, जानिए क्यों?
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6 घंटे agoon

Ram Mandir Trust Meeting Venue: अयोध्या के राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आज 6 जुलाई को होने वाली महाबैठक को लेकर एक बहुत बड़ा अपडेट सामने आया है। इस बेहद महत्वपूर्ण बैठक के आयोजन स्थल को आखिरी वक्त में अचानक बदल दिया गया है। पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक यह बड़ी बैठक अयोध्या की बेहद मशहूर और ऐतिहासिक ‘मणिराम दास छावनी’ में होने वाली थी, लेकिन अब इसे वहां से पूरी तरह शिफ्ट कर दिया गया है। (Ram Mandir Trust Meeting Venue) राम मंदिर ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव ने इस बात की आधिकारिक घोषणा की है। उन्होंने बताया कि अब ट्रस्ट के सभी बड़े पदाधिकारियों की यह अहम बैठक सीधे राम जन्मभूमि परिसर के भीतर बने हाईटेक गेस्ट हाउस में आयोजित की जाएगी। वेन्यू में हुए इस अचानक बदलाव के बाद ट्रस्ट के सभी सदस्यों को निर्देश दिया गया है कि वे निर्धारित समय पर सीधे जन्मभूमि परिसर के गेस्ट हाउस में ही अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं।
Ram Mandir Trust Meeting Venue: क्यों बदली गई बैठक की जगह
इस हाईप्रोफाइल बैठक की जगह को अचानक बदलने के पीछे मुख्य रूप से 2 बड़ी वजहें बताई जा रही हैं। इसमें सबसे पहला कारण सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता रखना है और दूसरा मीडिया की नजरों से पूरी तरह दूरी बनाए रखना है। हाल ही में मंदिर के चढ़ावे में हुए गबन के बड़े विवाद के बाद ट्रस्ट के तमाम सदस्यों ने मीडिया के कैमरों और तीखे सवालों से दूर रहने का सामूहिक फैसला लिया है। राम जन्मभूमि परिसर के अंदर बना यह गेस्ट हाउस बेहद संवेदनशील और हाई सिक्योरिटी जोन के अंतर्गत आता है, जहां पर किसी भी बाहरी व्यक्ति या मीडिया कर्मियों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इस सुरक्षित स्थान पर बैठक होने से ट्रस्ट के सभी वरिष्ठ पदाधिकारी बिना किसी बाहरी रुकावट या कैमरों के दबाव के, हालिया विवादों और मंदिर से जुड़े प्रशासनिक मुद्दों पर शांति से मंथन कर सकेंगे।
जेल में मैराथन पूछताछ
दूसरी तरफ, दान के पैसों की चोरी के मामले में जांच कर रही पुलिस की एक विशेष टीम कल सुबह-सुबह जिला जेल पहुंच गई। पुलिस ने वहां सलाखों के पीछे बंद सभी 5 मुख्य आरोपियों मनीष यादव, रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय को आमने-सामने बिठाकर कड़ाई से सवाल-जवाब किए। सुबह 11:30 बजे से शुरू हुआ यह पूछताछ का सिलसिला लगातार साढ़े 6 घंटे तक चलता रहा। इस मैराथन पूछताछ के दौरान पुलिस के हाथ कुछ बेहद चौंकाने वाले और अहम सुराग लगे हैं। हालांकि, पकड़े गए इन सभी आरोपियों के बयानों में भारी अंतर और विरोधाभास भी देखने को मिला है, जिससे पुलिस का शक और गहरा हो गया है।
सामने आया खतरनाक सिंडिकेट
पुलिस की इस सघन पूछताछ में एक बहुत ही हैरान करने वाला सच भी सामने आया है। जांच में पता चला है कि मंदिर के दानपात्र से चुराए गए पैसों को बेहद सुरक्षित तरीके से परिसर से बाहर भेजने के लिए रामकोट इलाके के ही एक स्थानीय व्यक्ति का इस्तेमाल किया जाता था। इस पूरे अवैध सिंडिकेट और नेटवर्क को तैयार करने के लिए मुख्य आरोपी रामाशंकर यादव उर्फ ‘टिन्नू’ ने ही अपनी ऊंची पहुंच का इस्तेमाल कर रामकोट के उस खास व्यक्ति की नौकरी राम जन्मभूमि परिसर के अंदर लगवाई थी। इस बड़े खुलासे के बाद अब पुलिस इस पूरे गिरोह की आखिरी कड़ी को जोड़ने और सभी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में जुट गई है।
