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Jammu Kashmir Flood: जम्मू-कश्मीर में आसमान से आफत! राजौरी-पुंछ में बाढ़ और लैंडस्लाइड से 11 मौतें, 5 लोग अब भी लापता

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Jammu Kashmir Flood: जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश (Heavy Rainfall) ने हालात बिगाड़ दिए हैं। शनिवार और रविवार के बीच हुई मूसलाधार बारिश के बाद राजौरी और पुंछ जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है।

दरहाली नदी का जलस्तर बढ़ने से राजौरी के निचले इलाकों में पानी भर गया। अलग-अलग घटनाओं में करीब 11 लोगों की मौत हो गई है, जबकि पुलिस प्रशासन के मुताबिक कई लोग अभी भी लापता हैं। दोनों जिलों से मिली जानकारी के अनुसार पांच लोगों की तलाश जारी है।

भारी बारिश और बाढ़ के कारण लोगों को भारी आर्थिक नुकसान भी हुआ है। राजौरी जिले में एक पार्किंग स्टैंड में खड़ी कई दर्जन गाड़ियां पानी के तेज बहाव में बह गईं। इसके अलावा कई घरों को भी नुकसान पहुंचा है।

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Jammu Kashmir Flood: पुंछ के सुरनकोट में सबसे ज्यादा तबाही

राहत और बचाव कार्य में जुटे अधिकारियों के अनुसार, सबसे ज्यादा तबाही पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील में हुई है। यहां सबसे अधिक मौतें दर्ज की गई हैं। लगातार बारिश और कई जगह सड़कों के क्षतिग्रस्त होने के कारण राहत और बचाव अभियान में मुश्किलें आ रही हैं। इसके बावजूद बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।

राजौरी में भूस्खलन (Landslide) की वजह से भी एक व्यक्ति की मौत हुई है। दोनों जिलों में बाढ़, भूस्खलन और मकान ढहने की घटनाओं के बाद प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।

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दर्जनों गाड़ियां बहीं

अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है। इसके चलते दरहाली, खंडली सुक्तोह और जमोला समेत कई नदियां और नाले उफान पर हैं।

दरहाली नदी का पानी दीवार तोड़कर बस स्टैंड की पार्किंग में घुस गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि पार्किंग में खड़ी दर्जनों गाड़ियां बह गईं। स्थानीय स्तर पर बताया गया कि बारिश और बाढ़ से कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है।

जिन इलाकों में पानी भर गया था, वहां से परिवारों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। अब्दुल्ला ब्रिज के नीचे से करीब 50 परिवारों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। तारिक ब्रिज के पास भी पानी भरा हुआ है और पुलिस यहां से भी लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटी है।

‘पानी उतरने के बाद नुकसान का सही आकलन संभव’

स्थानीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि राहत और बचाव टीमें लगभग हर एसओएस कॉल (SOS Call) का जवाब दे रही हैं। इस समय प्रशासन की प्राथमिकता किसी भी तरह जान-माल की हानि को रोकना है।

पुलिस के मुताबिक संपत्ति को काफी नुकसान हुआ है, लेकिन नुकसान का सही आकलन बाढ़ का पानी उतरने के बाद ही किया जा सकेगा।

मकान पर गिरा मलबा, कई लोग दबे

सुरनकोट के लोअर मुराह गांव में रविवार तड़के मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन हुआ। इसकी चपेट में एक मकान आ गया और उसमें रह रहे आठ लोग मलबे में दब गए। बचाव दल ने सोफियान यासिर समेत पांच लोगों के शव बरामद कर लिए हैं, जबकि बाकी लोगों की तलाश जारी है।

संगला गांव में अचानक आई बाढ़ में एक ही परिवार के चार सदस्य बह गए। लापता लोगों में अब्दुल हमीद, उनकी पत्नी शरीफा बेगम, बेटी अरीबा और बहन मनीरा बेगम शामिल हैं।

नूनाबंदी गांव में मकान ढहने से नाजिया कौसर की मौत हो गई। उनके पति मोहम्मद हाफिज और दो से छह वर्ष की आयु के तीन बच्चों को मलबे से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अलग-अलग घटनाओं में कई लोगों की मौत

सुरनकोट के संगलानी क्षेत्र में मकान ढहने से 22 वर्षीय शाहजैब अहमद की मौत हो गई। वहीं, मरहोट क्षेत्र में इरम नाम की एक नाबालिग लड़की नाले में डूब गई।

धुंधक लाथूंग पुल के पास एक नाले से एक अज्ञात महिला का शव बरामद किया गया है। राजौरी शहर में भी रातभर हुई मूसलाधार बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ के दौरान एक नदी से महिला का शव बरामद हुआ।

निचले इलाकों में पानी भर जाने के कारण सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। नदियों और नालों के उफान पर आने और तटबंध टूटने से कई वाहन बह गए। बाढ़ के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

माता वैष्णो देवी और बाबा अमरनाथ यात्रा स्थगित

जम्मू-कश्मीर में बिगड़े मौसम के बीच माता वैष्णो देवी यात्रा (Mata Vaishno Devi Yatra) और बाबा अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) को मौसम साफ होने तक स्थगित कर दिया गया है।

मौसम विभाग ने आने वाले चार से पांच दिनों तक जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश की संभावना जताई है। इसी वजह से प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों और घरों में रहने की अपील की है।

उमर अब्दुल्ला और मनोज सिन्हा ने जताई चिंता

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर में बने हालात पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि वे लगातार अधिकारियों के संपर्क में हैं और जल्द से जल्द राहत पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आने वाले दिनों में बारिश की संभावना को देखते हुए अपनी दिल्ली यात्रा को छोटा करने का ऐलान किया है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर होने वाले प्रदर्शन का नेतृत्व उनके पिता और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला करेंगे।

इसी बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उप राज्यपाल मनोज सिन्हा से बात की और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

23 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर में 23 जुलाई तक मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी है। सीमावर्ती जिलों राजौरी और पुंछ में शनिवार शाम से लगातार बारिश हो रही है। रातभर हुई मूसलाधार बारिश के बाद नदियां और नाले उफान पर आ गए हैं।

वहीं, कश्मीर के अधिकांश हिस्सों में रविवार को मध्यम बारिश हुई। इससे पिछले कुछ दिनों से जारी भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली। घाटी के अधिकांश मौसम केंद्रों पर शनिवार को सामान्य से अधिक अधिकतम तापमान दर्ज किए जाने के एक दिन बाद रविवार को बारिश हुई।

फिलहाल प्रशासन और बचाव दल की सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश करना और बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना है। बारिश के बीच लोगों से सतर्क रहने और बिना जरूरत घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की गई है।

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