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Madhya Pradesh UCC Bill: मध्य प्रदेश कैबिनेट ने UCC ड्राफ्ट को दी मंजूरी, विधेयक में लिव-इन और शादी को लेकर सख्त प्रावधान
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23 मिनट agoon

Madhya Pradesh UCC Bill: मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी (Uniform Civil Code) विधेयक के ड्राफ्ट को कैबिनेट में मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि यूसीसी विधेयक 20 जुलाई को विधानसभा में पेश किया जाएगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यूसीसी को लेकर सरकार ने बड़े स्तर पर लोगों से सुझाव लिए थे। इस दौरान कुल 9 लाख 58 हजार सुझाव प्राप्त हुए। इनमें 93.54 प्रतिशत लोगों ने प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने का समर्थन किया है।
Madhya Pradesh UCC Bill: मुस्लिम समाज से भी मिला समर्थन
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दावा किया कि यूसीसी को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों से भी बड़ी संख्या में सुझाव मिले हैं। उन्होंने बताया कि 80 प्रतिशत मुस्लिम महिलाओं और 40 प्रतिशत मुस्लिम पुरुषों ने भी एक समान कानून की मांग का समर्थन किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने इस कानून को लेकर प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों से राय ली।
UCC की बैठक में कांग्रेस शामिल नहीं हुई
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यूसीसी को लेकर बुलाई गई बैठक में सभी पार्टियां शामिल हुईं, लेकिन कांग्रेस बैठक में नहीं आई। उन्होंने कहा कि सरकार ने सभी पक्षों से सुझाव लेने की कोशिश की और अलग-अलग माध्यमों से लोगों की राय भी जानी।
अब कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इस विधेयक को 20 जुलाई को विधानसभा में पेश किया जाएगा।
शादी और तलाक को लेकर क्या प्रावधान?
यूसीसी विधेयक (UCC Bill) में विवाह, तलाक और उत्तराधिकार को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, कानून के तहत एक समय में सिर्फ एक विवाह ही मान्य होगा। दूसरा विवाह मान्य नहीं होगा।
तलाक की प्रक्रिया भी कानूनी प्रावधानों के तहत होगी। उत्तराधिकार से जुड़े मामलों में भी कानून के अनुसार व्यवस्था तय की जाएगी। इसके साथ ही महिला और पुरुष को समान अधिकार देने की बात कही गई है।
लिव-इन के लिए एक महीने में पंजीकरण जरूरी
समान नागरिक संहिता में लिव-इन रिलेशनशिप (Live-in Relationship) को लेकर भी सख्त प्रावधान किए गए हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव के मुताबिक, लिव-इन रिलेशन में रहने वालों के लिए एक महीने के भीतर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
उन्होंने बताया कि 21 साल का पुरुष और 18 वर्ष से अधिक उम्र की महिला ही लिव-इन रिलेशन में रह सकेगी।
वहीं, अगर कोई शादीशुदा व्यक्ति लिव-इन रिलेशन में रहता है तो उसे 5 साल तक की सजा हो सकती है।
आदिवासी समाज को कानून में रखा गया अपवाद
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि आदिवासी समाज (Tribal Community) को इस कानून में अपवाद रखा गया है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की विशिष्ट परंपराओं और व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए यह प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा विवाह का पंजीकरण ग्रामीण स्तर तक अनिवार्य किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य विवाह से जुड़े रिकॉर्ड को व्यवस्थित करना और कानूनी पारदर्शिता बढ़ाना है।
भेदभावपूर्ण प्रथाओं को रोकने का प्रयास
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यूसीसी के जरिए भेदभावपूर्ण प्रथाओं (Discriminatory Practices) को रोकने का प्रयास किया जाएगा। कानून में महिला और पुरुष को समान अधिकार देने पर जोर दिया गया है।
उन्होंने विपक्ष से भी अपील की कि वह इस कानून को लागू करने में सरकार का समर्थन करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में मौजूद विभाजन को विश्वास में बदलना इस कानून का मुख्य लक्ष्य है।
अब मध्य प्रदेश विधानसभा में 20 जुलाई को यूसीसी विधेयक पेश होने के बाद इस पर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
