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India-Japan Summit: PM मोदी का मेगा ऐलान, भारत में आएगा 10 ट्रिलियन येन निवेश, ताकाइची से 120 नई डील
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2 घंटे agoon

India-Japan Summit: भारत-जापान संबंधों को नई दिशा देने वाले माने जा रहे भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची के साथ द्विपक्षीय वार्ता की और इसके बाद इंडिया-जापान जॉइंट इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। राष्ट्रपति भवन में जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची का भव्य स्वागत किया गया, जहां सैनिकों की टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया और सैन्य बैंड ने विशेष संगीत प्रस्तुति भी दी। समयऔर कैलेंडर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की भारत की पहली यात्रा ऐतिहासिक महत्व रखती है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ताकाइची का भारत में अपनी पहली यात्रा पर स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। वे जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं और एक दूरदर्शी तथा लोकप्रिय नेता भी हैं। मुझे गर्व है कि भारत-जापान की साझेदारी हर कसौटी पर खरी उतरती है।”
India-Japan Summit: सफलता की कहानी का हिस्सा बनने का आह्वान
इंडिया-जापान संयुक्त आर्थिक मंच को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और जापान के आर्थिक संबंध दशकों पुराने हैं और दोनों देशों के बीच विश्वास का मजबूत आधार मौजूद है।
उन्होंने कहा, “यहां कई कंपनियों के भारत के साथ लंबे समय से संबंध रहे हैं, कुछ संबंध तो 100 साल से भी अधिक समय से हैं। मैं इंडिया-जापान की सफलता की कहानी का हिस्सा बनने के लिए इस मंच से जुड़ने वाले नए दोस्तों का दिल से स्वागत करता हूं।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और जापान के बीच आर्थिक सहयोग लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और आने वाले वर्षों में यह साझेदारी वैश्विक विकास का महत्वपूर्ण आधार बन सकती है।
पीएम मोदी बोले- एक साल में हुए 120 नए बिजनेस एग्रीमेंट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में बताया कि भारत और जापान की निवेश साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष के दौरान दोनों देशों के बीच करीब 120 नए बिजनेस एग्रीमेंट हुए हैं।
पीएम मोदी ने कहा, “इन समझौतों के माध्यम से भारत में 10 अरब डॉलर से अधिक का जापानी निवेश आएगा। भारत की विशाल क्षमता और जापान की गुणवत्ता को मिलाकर हम दुनिया को सस्ती, भरोसेमंद और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी मिलकर काम करेंगे।”
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में दोनों देशों का सहयोग भविष्य में वैश्विक स्तर पर नई संभावनाएं पैदा कर सकता है।
अगले 10 वर्षों में 10 ट्रिलियन येन निवेश का लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारत के महत्वाकांक्षी आर्थिक लक्ष्य की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत ने अगले दस वर्षों में जापान से 10 ट्रिलियन येन का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य तय किया है।
उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य अगले 10 वर्षों में जापान से 10 ट्रिलियन येन का निवेश आकर्षित करना है। साथ ही भारत में काम कर रही जापानी कंपनियों की संख्या को दोगुना करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में पिछले वर्षों में हुए आर्थिक सुधारों के कारण कारोबार करना काफी आसान हुआ है। उन्होंने जापानी उद्योग जगत से भारत में निवेश बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और निवेश के लिए सबसे आकर्षक बाजारों में से एक बन चुका है। इतिहास
भारत में लगेंगे 1000 बायोगैस प्लांट
ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास के क्षेत्र में भी भारत और जापान ने महत्वपूर्ण पहल की है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-जापान बायोगैस इनिशिएटिव के तहत देशभर में एक हजार बायोगैस और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्लांट स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा, “इस पहल से गांवों में टिकाऊ विकास को बढ़ावा मिलेगा, किसानों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। स्वच्छ ऊर्जा और जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगी।
आर्थिक सुरक्षा पर साझा रोडमैप तैयार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और जापान ने आर्थिक सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए एक साझा रोडमैप तैयार किया है।
उन्होंने कहा, “सेमीकंडक्टर, क्वांटम तकनीक और एडवांस्ड मैटेरियल्स जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सप्लाई चेन को अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनाया जाएगा। दोनों देश भविष्य की तकनीकों में सहयोग बढ़ाकर वैश्विक चुनौतियों का मिलकर सामना करेंगे।”
पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि यह साझेदारी दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगी और हाई-टेक सेक्टर में नए अवसरों का सृजन करेगी।
विदेश मंत्रालय ने बताया भरोसे और साझा मूल्यों पर आधारित रिश्ता
द्विपक्षीय वार्ता से पहले विदेश मंत्रालय ने भारत-जापान संबंधों को भरोसे और साझा मूल्यों पर आधारित विशेष रणनीतिक साझेदारी बताया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि दोनों देशों के संबंध भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए लगातार आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत और जापान की साझेदारी वैश्विक चुनौतियों का सामना करने और नई तकनीकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की क्षमता रखती है।
भारत-जापान के बीच सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर
भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की मौजूदगी में मेमोरेंडम ऑफ कोऑपरेशन (MoC) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौते को व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को नई गति देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस समझौते से आने वाले वर्षों में भारत-जापान संबंधों को और अधिक मजबूती मिलेगी और दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी।
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